Saturday, April 19, 2014

शिक्षा विभाग ने खेल कैलेंडर किया जारी

राज्यस्तरीय स्पर्धा की मेजबानी करेगा सिरसा खेलों की तरफ रुझान बढऩे के लिए शिक्षा विभाग ने शेड्यूल किया जारी खेलों की तरफ रुझान बढऩे के लिए शिक्षा विभाग ने राज्य स्तरीय खेल गतिविधियों का कैलेंडर जारी किया है। खेल प्रतियोगिताओं में विभिन्न आयु वर्ग में कक्षा छठी से बारहवीं कक्षा के मुकाबले होंगे। इस बार सिरसा जिला राज्य स्तरीय हॉकी व तीरंदाजी की मेजबानी करेगा। राज्य स्तरीय स्पर्धा जुलाई से शुरू होगी। कब और कहां होगी खेलकूद प्रतियोगिता सिरसा में 21 नवंबर से 24 नवंबर तक शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में लड़कियों की 14, 17, 19 आयु वर्ग में हॉकी, लड़के लड़कियों की 14,17, 19 आयु वर्ग में तीरंदाजी प्रतियोगिता होगी। फतेहाबाद में 7 जुलाई से 8 जुलाई तक अंडर 14 व 17 आयु वर्ग लड़के, अंडर 17 में लड़कियों के दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता, कुरुक्षेत्र के शाहबाद में 1 अगस्त से तीन दिवसीय अंडर 17 लड़के व लड़कियों, अंडर 15 लड़कों की हॉकी प्रतियोगिता होगी। हिसार में 19 अगस्त से 22 अगस्त तक चार दिवसीय लड़कों के अंडर 14, 17 व 19 आयु वर्ग में बॉक्सिंग, एथलेटिक्स व फुटबॉल प्रतियोगिता होगी।भिवानी में 19 अगस्त से 22 अगस्त तक चार दिवसीय लड़कों की अंडर 14, 17 व 19 आयु वर्ग में कुश्ती, वालीबॉल, व लड़कियों की शतरंज प्रतियोगिता होगी। गुडगांव में 4 अगस्त से 7 अगस्त तक लड़के व लड़कियों की अंडर 14, 17 व 19 आयु वर्ग की तैराकी, डाइविंग, वाटरपोलो, टेबल टेनिस प्रतियोगिता।करन ाल में 25 अगस्त से 28 अगस्त तक लड़के व लड़कियों की अंडर 14, 17 व 19 आयु वर्ग में थ्रो बॉल व योगा प्रतियोगिता होगी। रोहतक में 27 अगस्त से 30 अगस्त तक लड़के व लड़कियों की अंडर 11, 14, 17 व 19 आयु वर्ग में स्केटिंग, लड़कियों की 19 आयु वर्ग में कुश्ती, लड़के व लड़कियों की अंडर 14, 17 व 19 आयु वर्ग में बास्टकेटबॉल प्रतियोगिता होगी। जींद में 23 अगस्त से 26 अगस्त तक लड़के, लड़कियों की अंडर 14, 17 व 19 आयु वर्ग में कबड्डी, अंडर 14, 17, 19 में साफ्टबॉल प्रतियोगिता होगी।सोनीपत में 27 अगस्त से 30 अगस्त तक लड़कों की अंडर 14, 17, 19 आयु वर्ग में हॉकी, अंडर 19 में लड़कियों की सर्कल कबड्डी, लड़के लड़कियों की अंडर 14, 17, 19 आयु वर्ग में लॉन टेनिस प्रतियोगिता होगी।कैथल में 27 अगस्त से 30 अगस्त तक अंडर 14, 17, 19 आयु वर्ग में लड़के लड़कियों की खोखो व बेसबाल प्रतियोगिता होगी। अंबाला में 27 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक 14, 17, 19 आयु वर्ग में लड़के लड़कियों की जिम्नास्टिक, बैडमिंटन, लड़कियों की साफ्टबॉल प्रतियोगिता होगी। कुरुक्षेत्र में 27 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक 14, 17, 19 आयु वर्ग में लड़कियों की हैंडबॉल, 14, 17, 19 आयु वर्ग में लड़के लड़कियों की साइकलिंग व राइफल सूटिंग प्रतियोगिता होगी। पंचकूला में 10 नवंबर से 13 नवंबर तक लड़कियों की 19 आयु वर्ग में क्रिकेट, 14, 17, 19 आयु वर्ग में एथलेटिक्स, 14, 17, 19 आयु वर्ग में लड़के लड़कियों की चॉय क्वान डो, फैन्सिंग प्रतियोगिता होगी। युमनानगर में 10 नवंबर से 13 नवंबर तक 14, 17, 19 आयु वर्ग में लड़के लड़कियों की नेटबॉल, वेट लिफ्टिंग, लड़कियों की फुटबॉल प्रतियोगिता होगी। पानीपत में 17 से 20 नवंबर तक लड़कों की 19 आयु वर्ग में क्रिकेट व सर्कल कबड्डी, 14, 17, 19 आयु वर्ग में हैंडबॉल होगी।

Thursday, April 17, 2014

मिडिल हेड को जल्द मिलेगी डीडी पॉवर

हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष फ्रांसवाला ने कहा कि मिडिल हेड को जल्द डीडी पावर मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र मिडिल स्कूलों में कार्यरत मौलिक स्कूल मुख्याध्यापकों की लंबे समय से मांग थी। स्कूल शिक्षा विभाग की अध्यक्ष सचिव सुरीना राजन ने आहरण वितरण अधिकार देने व सभी मौलिक स्कूल मुख्याध्यापकों की भूमिका व दायित्व निर्धारण करने की फाइल को स्वीकृति दे दी है। विभाग के अधिकारियों को इस बारे में पत्र जारी करने के लिए आदेश दिए हैं। यह जानकारी स्वयं विभाग की अध्यक्ष सचिव सुरीना राजन ने हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल को हिसार में हुई बैठक में दी। एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष जगदीश ढुल ने कहा कि हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के तर्कों के आधार पर सभी मिडिल स्कूलों के 5548 मुख्याध्यापकों को डीडीओ घोषित करने का मामला वित्त विभाग को भेजा गया है। पांच सितंबर 2013 को वित्त विभाग द्वारा इस फाइल का अनुमोदन कर दिया था। शिक्षक नेता कपूर सिंह व जिला कोषाध्यक्ष अमित ने बताया क 19 सितंबर 2013 को शिक्षा मंत्री व विभाग के आला अधिकारियों के साथ हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल के साथ हुई बातचीत में निर्णय लिया गया कि एक सप्ताह के अंदर सभी मौलिक स्कूल मुख्याध्यापकों को डीडी पॉवर दे दी जाएगी। लेकिन लंबे संघर्ष के बाद अब जाकर विभाग की अनुमति मिली है। इस बारे में उन्होंने विभाग की वितायुक्त सुरीना राजन को एक पत्र भी सौंपा है। मंजूरी के लिए वित्त विभाग को भेजा मामला

Wednesday, April 16, 2014

सरकारी स्कूलों में खत्म होगा शिक्षकों का एसीआर सिस्टम अब शिक्षकों का प्रमोशन विद्यार्थियों की तरक्की पर: अंबाला कैंट। अब सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की प्रोमोशन छात्रों की तरक्की पर अधारित रहेगी। जैसे-जैसे शिक्षक के बच्चों की शैक्षणिक योग्यता बढ़ती जाएगी, वैसे-वैसे शिक्षक की तरक्की व वेतन वृद्धि होती जाएगी। क्योंकि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तरक्की के सिस्टम को शिक्षा विभाग अब पूरी तरह से कारपोरेट की तर्ज पर बदलने वाला है। इसका खाका तैयार कर लिया गया है, जल्द ही सभी शिक्षकों को नए तरीकों से अवगत करा दिया जाएगा। नए तरीके के तहत स्कूलों में अब एसीआर यानी एनुअल कांफिडेंशियल रिपोर्ट सिस्टम खत्म हो जाएगा। अभी तक इसी तरीके से स्कूलों में शिक्षकों की तरक्की व वेतनवृद्धि होती है। ये एसीआर शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारी का सीनियर ही लिखता था और उसी के आधार पर शिक्षक व गैर शिक्षक स्टाफ को तरक्की मिलती थी। अब ये सिस्टम शिक्षा विभाग से लगभग खत्म कर दिया जाएगा। हर कार्य का आंकलन होगा ः स्कूलों में शिक्षक एनुअल कांफिडेंशियल रिपोर्ट के बजाय सेल्फ अपरेजल रिपोर्ट भरेंगेे। सेल्फ अपरेज़ल रिपोर्ट भरने का तरीका एसीआर से बिल्कुल अलग रहेगा। इसमें शिक्षकों को जॉब प्रोफाइल का एक प्रोफॉर्मा दिया जाएगा। जो सौ अंकों का होगा। हर कॉलम के हिसाब से शिक्षक को ये बताना होगा कि उसने खुद का पूरे साल में क्या आंकलन किया है? उसने बच्चों को क्या पढ़ाया है, उसके पढ़ाए बच्चों का कितना बौद्धिक व शैक्षणिक विकास हुआ, विषय का ज्ञान बच्चों को कितना क्लीयर हुआ, बच्चों के परीक्षाओं में अंक कितने हैं? इत्यादि। अधिकतर ऐसे कॉलम हैं, जो पूरी तरह से छात्रों की प्रोग्रेस पर ही केंद्रित है। इसके पचास अंक शिक्षकों को मिलेंगे। अपनी रिपोर्ट में बच्चों की प्रोग्रेस रिपोर्ट भरकर शिक्षक अपने प्राचार्य को सौंपेगा और प्राचार्य उनके द्वारा भरी जानकारियाें को क्रॉस चेक करके उस सेल्फ अपरेज़ल रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए वो रिपोर्ट निदेशालय को भेज देगा। उसके बाद शिक्षकों को चार कैटेगरी में रखा जाएगा। सबसे कम कैटेगरी होगा ‘औसत से भी कम’। यदि शिक्षक की सेल्फ अपरेशल रिपोर्ट ‘औसत से भी कम’ कैटेगरी में रही, तो उसे तरक्की देना तो दूर हर साल सितंबर से स्पष्टीकरण नोटिस जारी होगा और जवाब संतोषजनक न होने पर नवंबर तक उस शिक्षक को चार्जशीट दे दी जाएगी। बहरहाल, अब शिक्षकों की तरक्की छात्रों की प्रोग्रेस रिपोर्ट पर टिकी रहेगी। छह जुलाई को रिपोर्ट भरेंगे शिक्षक हर साल 6 जुलाई को शिक्षक सेल्फ अपरेजल रिपोर्ट अपने-अपने स्कूलों में भरेंगे। हरियाणा शिक्षा विभाग ने हर साल इस दिन को शिक्षकों के लिए ‘आत्म आंकलन दिवस’ घोषित करने का फैसला लिया है। इसी दिन सभी शिक्षक अपना आत्म आंकलन करते हुए सेल्फ अपरेजल रिपोर्ट भरेंगे और अपने सीनियर को जमा करवाएंगें। इसमें शिक्षक अपने पूरे साल की शिक्षा के अतिरिक्त अन्य गतिविधियों में भी अपनी सहभागिता के बारे में अपनी रिपोर्ट भरेगा। संतोषजनक कार्य न मिलने पर चार्जशीट भी किया जा सकता है अब शिक्षक हर साल भरेंगे ‘सेल्फ अपरेजल’ रिपोर्ट रिपोर्ट में 50 प्वाइंट केवल छात्रों की प्रोग्रेस पर ही आधारित होंगे इसके लिए हर साल 6 जुलाई को मनाया जाएगा आत्म आकलन दिवस शिक्षा विभाग की ओर से यह नई कोशिश है। जिसे लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। अब एसीआर की जगह शिक्षक अपनी सेल्फ अपरेजल रिपोर्ट भरेंगे, जो बच्चों की प्रोग्रेस पर ही अधारित है। बच्चों की शैक्षणिक तरक्की होती रहेगी, तो उन्हें पढ़ाने वाला शिक्षक भी तरक्की पाता रहेगा। इसके लिए पूरा प्रोफॉर्मा तैयार किया गया है। -सुरीना राजन, प्रधान सचिव एवं वित्तायुक्त, शिक्षा विभाग हरियाणा

Monday, April 14, 2014

सरकारी कॉलेजों में ऑनलाइन होंगे दाखिले

सरकारी कॉलेजों में ऑनलाइन होंगे दाखिले, मोबाइल-पीसी से हो सकेगा आवेदन: हिसार।सरकारी कॉलेजों में नए सत्र से ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विद्यार्थियों को आवेदन फार्म लेने और जमा करवाने के लिए कॉलेजों के बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इच्छुक छात्र घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।आवेदन मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम सेकिया जा सकेगा।उच्चतर शिक्षा हरियाणा ने योजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी शुरू कर दी है। उच्चतर शिक्षा हरियाणा के तहत प्रदेश के 90 राजकीय महाविद्यालयों में दाखिले के लिए विद्यार्थी इंटरनेट के माध्यम से घर से ही आवेदन कर सकते हैं।इस योजना के तहत उन्हें ऑनलाइन आवेदन कर उसकी एक प्रिंट कॉपी अपने पास रखनी होगी।जिसे यदि जरूरत पड़ी तो दाखिले के समय दिखाना पड़ सकता है।पहली बार योजना केवल प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए ही शुरू की जाएगी।इसके तहत स्नातक प्रथम वर्ष और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी ही ऑन लाइन आवेदन कर सकेंगे। हरियाणा के तहत हिसार में प्रदेश के पांच जिलों के कॉलेज प्राचार्यों, कंप्यूटर ऑपरेटर और शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण शिविर के कॉर्डिनेटर रामप्रताप ने बताया कि प्रशिक्षण 29 मई से 1जून तक दिया गया।एक कॉलेज से 3 से 5 सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद अक्टूबर में भी ऑनलाइन आवेदन के लिए प्राचार्यों की बैठक हो चुकी है। पिछले साल भी उच्चतर शिक्षा हरियाणा सरकारी कॉलेजों में ऑनलाइन दाखिला करवाने के लिए प्रयासरत थी, लेकिन तकनीकी खराबी व अन्य कारणों से योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। इस योजना को शुरू करने के लिए इस साल विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। जिसको लेकर कॉलेजों ने भी अपनी कंप्यूटर लैब दुरुस्त कर ली है। सरकारी कॉलेज में पहले प्रोस्पेक्टस की जो फीस होती थी।उसको लेकर अभी कॉलेज स्तर पर असमंजस है कि आवेदक से शुल्क पहले पेमेंट गेटवे के माध्यम से ली जानी थी, लेकिन अब किस प्रकार ऑनलाइन भरवाई जाएगी। इस बारे में उच्चतर शिक्षा हरियाणा के आदेश नहीं आए हैं। यह होगा फायदा पहले विद्यार्थी को आवेदन के लिए प्रोस्पेक्टस खरीदने के लिए कॉलेज आना पड़ता था। लाइन में लगकर प्रोस्पेक्टस खरीदते।इसके बाद फार्म भरकर जमा करवाने के लिए फिर से लाइन में लगना पड़ता था।अब वे घर बैठे मोबाइल, कम्प्यूटर या नजदीकी कंप्यूटर सेंटर से आवेदन कर सकेंगे। किसी भी जिले से किसी भी कॉलेज का कर सकेंगे आवेदन प्रशिक्षण शिविर कॉर्डिनेटर रामप्रताप ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन योजना पूरे प्रदेश के 90 राजकीय विद्यालयों में शुरु होने जा रही है।इससे नियमानुसार विद्यार्थी किसी भी यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आने वाले किसी भी राजकीय कालेज में आवेदन कर सकेगा। एक विद्यार्थी एक से अधिक राजकीय कालेजों में भी आवेदन कर सकेगा।वह उच्चतर शिक्षा हरियाणा की साइट पर दिए कॉलेज लिंक पर जाकर या सीधे कालेज की वेब साइट पर जाकर भी आवेदन कर सकेगा।

Monday, March 31, 2014

Sunday, March 23, 2014

HBSE- दसवीं तथा बारहवीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्याकन 31 से:

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की प्रवक्ता ने बताया कि सैकेंडरी और सीनियर सेकैंडरी की परीक्षाएं मार्च 2014 की उत्तर पुस्तिकाओं का आकलन का कार्य अब 25 मार्च के स्थान पर 31 मार्च से प्रारभ होगा। गौरतलब है कि दैनिक जागरण द्वारा टीजीटी अध्यापक पशोपेश में शीर्षक से समाचार रविवार के अंक में प्रकाशित करने के बाद बोर्ड ने अपना उत्तर पुस्तिका जाचने का कार्यक्रम बदल दिया है। बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि सैकेंडरी का आकलन का कार्य 25 मार्च ओर सीनियर सैकेंडरी के आकंलन का कार्य 27 मार्च को प्रारभ होना था, इससे बदल कर अब 31 मार्च से कर दिया गया है।

Saturday, March 22, 2014

केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा की अधिसूचना जारी

हिसार : हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में जुलाई 2014 से प्रारंभ होने वाले शैक्षिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इसमें हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के अलावा जम्मू, झारखंड, कश्मीर, केरल, राजस्थान तथा तमिलनाडु इत्यादि केंद्रीय विश्वविद्यालय शामिल है। इस परीक्षा के संयोजन का दायित्व केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान को सौंपा गया है। परीक्षा से संबंधित समस्त विवरण डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.सीयूसीईटी2014.को.इन पर ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए हैं। विभिन्न पाठ्यक्रमों, सीटों की संख्या एवं पात्रता संबंधी जानकारी हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। इस समय हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में कुल 12 विभाग कार्यरत हैं। आगामी सत्र 2014-15 से 8 नए विभाग प्रारंभ किए जा रहे हैं। इनमें इतिहास, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, पुस्तकालय व सूचना विज्ञान, पत्रकारिता एवं जनसंचार, गणित, पर्यावरण विज्ञान तथा भूगोल शामिल हैं।

700 पीजीटी का भविष्य चुनाव आयोग तय करेगा

चंडीगढ़ : हरियाणा में हिंदी के 700 पीजीटी पुरुष अध्यापकों की नियुक्ति का फैसला नेशनल इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया करेगा। शिक्षा विभाग ने मामला हरियाणा के मुख्य चुनाव आयुक्त को भेज दिया है। हरियाणा के चुनाव अधिकारी ने मसले को केंद्रीय चुनाव आयोग के पास भेज दिया है। राज्य में करीब 700 ऐसे प्रध्यापक हैं जिन्हें नियुक्ति का इंतजार है। इस संदर्भ में पांच मार्च को काउंसलिंग हुई थी, लेकिन आदर्श आचार संहिता के लागू हो जाने के कारण इन प्राध्यापकों की नियुक्ति का मसला लटक गया था। सभी को स्टशेन अलॉट कर दिए गए हैं, लेकिन नियुक्ति पत्र अभी तक नहीं मिला है। जिसके कारण करीब 15 दिन से यह प्राध्यापकनियुक्ति के इंतजार में हैं। हरियाणा में करीब 1800 पोस्ट के लिए यह काउंसलिंग हुई थी। जिन प्राध्यापकों की काउंसलिंग पहले हुई उन्हें नियुक्ति पत्र मिल गया। लेकिन जिनकी बाद में हुई उन्हें पत्र जारी नहीं हो सका। शिक्षा विभाग का तर्क है कि जब तक आचार संहिता लगी है तब तक बिना चुनाव आयोग की अनुमति के इन्हें ज्वाइन नहीं करवाया जा सकता है। लिहाजा शिक्षा विभाग ने फाइल अनुमति के लिए भेज दी है।

Friday, March 21, 2014

स्कूलों को अपग्रेड की दरकार

कैथल : भले ही सरकार व शिक्षा विभाग आरटीइ और सर्वशिक्षा अभियान के तहत करोड़ों की राशि खर्च कर रही हो लेकिन विभाग की स्कूलों को अपग्रेड करने की जटिल प्रक्रिया के चलते वर्ष 2014 में भी स्कूल अपग्रेडेशन में जिला पिछड़ता नजर आ रहा है। हालांकि शिक्षा विभाग ने जिले के अधिकतर गांवों में प्राथमिक शिक्षा का प्रबंध तो किया है लेकिन आज भी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों का आंकड़ा 90 तक ही सिमट रहा है। ऐसे में जिले के कुल 270 गांवों में करीब 180 गांवों को वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों की दरकार है। हालांकि कई स्कूलों में स्कूल भवन व अन्य सुविधाएं लेकिन इसके बावजूद कई स्कूल वर्षों से अपग्रेड का तोहफा नहीं मिल सका है। यदि एसएसए की बात करें तो खंड राजौंद के कई स्कूलों में आज भी स्कूल के कमरे फंड की कमी से लटके पड़े हैं। सर्वशिक्षा अभियान का जोर केवल पुस्तकों व शौचालयों तक ही सिमटता नजर आ रहा है। पंचायतों के सिर जिम्मेदारी विभागीय प्रणाली में यह भी देखने में आया है कि अब स्कूलों को अपग्रेड का अधिकतर जिम्मा पंचायतों के हवाले किया जा रहा है। शिक्षा विभाग के निदेशालय द्वारा स्कूलों को अपग्रेड करवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे जाते हैं। इसके बाद में निदेशालय द्वारा गठित कमेटी द्वारा जांच की जाती है। इसकी रिपोर्ट के बाद ही स्कूल को अपग्रेड का तोहफा मिलता है। प्राइवेट स्कूल मार रहे बाजी जिले में वर्तमान में करीब 400 प्राइवेट स्कूल कार्यरत हैं। सरकारी स्कूलों के पास भवन व खेल मैदान होने के बावजूद वर्षो तक अपग्रेड का इंतजार करना पड़ता है लेकिन प्राइवेट स्कूल संचालक एक दो सालों में ही दसवीं व बारहवीं तक की मान्यता हासिल कर लेते हैं। अपग्रेड में प्राइवेट स्कूल सरकारी स्कूलों पर भारी पड़ रहे हैं। बैठक तक ही सिमटी एसएमसी शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों में स्कूलों को ऊपर उठाने के लिए स्कूल प्रबंधक कमेटी का गठन किया था लेकिन अधिकतर स्कूलों में एसएमसी केवल बैठक तक ही सिमटकर रह गई हैं। कई स्कूलों में तो स्कूल मुखिया कागजों में ही बैठकों का आयोजन कर केवल मात्र एसएमसी सदस्यों के हस्ताक्षर करवा लेते हैं। यदि एसएमसी सही तरीके से अपने कार्य का निर्वहन करें तो यह स्कूलों को अपग्रेड करने में अहम साबित हो सकता है। जिले के स्कूलों पर एक नजर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय- 89 उच्च विद्यालय - 55 माध्यमिक विद्यालय- 75 प्राथमिक विद्यालय - 392 ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत कर रहे आवेदन : सतीश राणा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सतीश राणा ने बताया कि विभाग द्वारा स्कूलों को अपग्रेड के लिए पंचायत व स्कूल अपने स्तर पर ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। बैठकों में स्कूल मुखियाओं और एसएमसी सदस्यों को अपग्रेड के लिए उत्साहित व सम्मानित किया जाता है।

CTET - Feb 2014 Result

Central Teacher Eligibility Test (CTET) - FEB 2014 http://cbseresults.nic.in/ctet/ctet14_mar.htm 16 फरवरी 2014 को आयोजित हुई इस परीक्षा में देश भर से पेपर-1 व पेपर-2 के लिए महज 13,428 उम्मीदवारों ने क्वालिफाई किया है। पेपर-1 का पास प्रतिशत 3.39 फीसदी व पेपर-2 का महज 1.08 फीसदी रहा। जिस भी परीक्षार्थी ने किसी पेपर में 60 फीसदी व उससे अधिक अंक प्राप्त किए होंगे, वही उत्तीर्ण हुआ है। सीबीएसई की ओर से घोषित यह नतीजे cbse.nic.in और ctet.nic.in पर देखे जा जा सकते हैं। देश भर से इस टेस्ट में 8.26 लाख लोगों ने पंजीकरण कराया था। जिसमें से पेपर-1 में 2,30,909 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी। वहीं पेपर-2 में कुल 5,19,813 परीक्षा में बैठे थे। अधिकारियों के मुताबिक बीते साल के मुकाबले में परीक्षा के नतीजे उत्साहवर्धक नहीं है।

Monday, March 17, 2014

Answer Keys for CTET-FEB 2014 Examination

Answer Keys for CTET-FEB 2014 Examination: http://ctet.nic.in/ctetapp/key.html

Saturday, March 15, 2014

जम्मू-कश्मीर से बीएड करने वाले बिहार में नहीं बन सकते शिक्षक : हाईकोर्ट

पटना.जम्मू-कश्मीर से बीएड की डिग्री लेने वालों को बिहार में शिक्षक की नौकरी नहीं मिल सकती है। पटना हाईकोर्ट ने कहा कि शिक्षक के लिए वे ही आवेदन दे सकते हैं जिन्होंने एनसीटीई से मान्यता प्राप्त कॉलेज से बीएड की डिग्री ली हो। लेकिन, जम्मू-कश्मीर में एनसीटीई (नेशनल काउंसिल फॉर टीजर एजुकेशन) एक्ट लागू नहीं है। जस्टिस मिहिर कुमार झा ने अशेष कुमार और अन्य की याचिकाएं खारिज कर दीं। आवेदकों का कहना था कि बीएड की डिग्री के बावजूद सरकार उन्हें बहाल नहीं कर रही है। एनसीटीई के वकील एसएन पाठक ने याचिका का विरोध किया। उनकी दलील थी कि एनसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थानों से उत्तीर्ण ही शिक्षक बन सकते हैं। जबकि जम्मू-कश्मीर के बीएड कॉलेजों को मान्यता नहीं है। Source: Dainik Bhaskar http://www.bhaskar.com/article/BIH-PAT-jammu-kashmir-to-bed-can-not-be-a-teacher-in-bihar-4551010-NOR.html